इस मुस्लिम देश ने कर दी भारतीयों की बल्ले-बल्ले! अब सिर्फ इतनी फीस भरकर मिलेगी लाइफटाइम रेजीडेंसी

इस योजना की शुरुआत भारत और बांग्लादेश में की जा रही है. पहले ही तीन महीनों में 5,000 से ज्यादा भारतीयों को इस वीजा का लाभ मिलने की उम्मीद है. यह यूएई और भारत के बीच बढ़ते हुए आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों का भी संकेत है. 2022 में हुए सीईपीए (व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता) के बाद दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए हैं.

UAE Golden Visa: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारतीय नागरिकों के लिए एक बहुत ही खास और राहत भरी योजना शुरू की है. अब भारतीय बिना किसी बड़ी संपत्ति या व्यापार में निवेश किए, केवल एक निश्चित फीस देकर यूएई का गोल्डन वीजा हासिल कर सकते हैं. ये वीजा उन्हें यूएई में आजीवन रहने की अनुमति देगा. इस योजना से उन लाखों भारतीयों को फायदा मिलेगा जो यूएई में रहना या काम करना चाहते हैं लेकिन अब तक निवेश जैसी शर्तों की वजह से ऐसा नहीं कर पाए थे.

पहले क्या था और अब क्या बदला?

पहले अगर किसी भारतीय को यूएई का गोल्डन वीजा चाहिए होता था, तो उसे कम से कम 4.66 करोड़ रुपये की संपत्ति में निवेश करना पड़ता था। यह बहुत बड़ी रकम है और हर किसी के लिए संभव नहीं थी. लेकिन अब यूएई सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. अब केवल 1 लाख दिरहम यानी करीब 23.3 लाख रुपये की एकमुश्त फीस जमा करके यह वीजा मिल सकता है. इस योजना को "नामांकन आधारित गोल्डन वीजा योजना" कहा जा रहा है.

इस वीजा का फायदा किन्हें मिलेगा?

इस योजना का मकसद उन लोगों को आकर्षित करना है जो संस्कृति, व्यापार, विज्ञान, स्टार्टअप्स, पेशेवर सेवाएं और वित्त जैसे क्षेत्रों में किसी भी तरह से यूएई की अर्थव्यवस्था या समाज में योगदान दे सकते हैं. यानी अगर आप इन क्षेत्रों से जुड़े हैं और आपकी छवि साफ-सुथरी है तो आप इस वीजा के लिए पात्र हो सकते हैं.

आवेदन की प्रक्रिया कैसी है?

गोल्डन वीजा के लिए आवेदन करने पर आपकी पूरी पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी. इसमें कई महत्वपूर्ण बातें शामिल होंगी:

1.मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) की जांच

2. आपराधिक रिकॉर्ड की जांच

3. सोशल मीडिया गतिविधियों का मूल्यांकन

इन सब बातों से यह तय किया जाएगा कि आप यूएई के लिए एक जिम्मेदार और लाभकारी नागरिक बन सकते हैं या नहीं. भारत में इस योजना की प्रक्रिया को संभालने के लिए रायद ग्रुप कंसल्टेंसी को चुना गया है. इस कंपनी के हेड रायद कमाल अयूब के अनुसार, यह भारतीयों के लिए यूएई का गोल्डन वीजा पाने का बेहतरीन मौका है.

बिना दुबई जाए भी पा सकते हैं वीजा

इस योजना के तहत एक और राहत की बात यह है कि आप दुबई जाए बिना ही अपने देश से वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं. यानी आपको बार-बार विदेश जाने की जरूरत नहीं होगी। वीजा की मंजूरी यूएई सरकार के अधिकारी देंगे.

क्या-क्या लाभ मिलेंगे गोल्डन वीजा से?

गोल्डन वीजा मिलने के बाद व्यक्ति को कई तरह के फायदे मिलते हैं:

यूएई में आजीवन रहने का अधिकार
अपने परिवार के सदस्यों को भी यूएई लाने की सुविधा
यूएई में कर्मचारी रखने और व्यापार शुरू करने की अनुमति
पेशेवर सेवाओं या स्टार्टअप में भाग लेने की छूट
यह वीजा खासकर उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है जो बिना भारी निवेश किए विदेश में बसना चाहते हैं.

क्यों खास है ये पहल?

इस योजना की शुरुआत भारत और बांग्लादेश में की जा रही है. पहले ही तीन महीनों में 5,000 से ज्यादा भारतीयों को इस वीजा का लाभ मिलने की उम्मीद है. यह यूएई और भारत के बीच बढ़ते हुए आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों का भी संकेत है. 2022 में हुए सीईपीए (व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता) के बाद दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए हैं.

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