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मैं सड़क पर हूं…जब US में रोक लिए गए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, ट्रंप को भी किया कॉल लेकिन नहीं बनी बात, जाना पड़ा पैदल
दुनिया का ताकतवर देश, यूरोप की जान, सुरक्षा परिषद का परमानेंट मेंबर, वीटे पावर की ताकत फिर भी उसके राष्ट्रपति की ट्रंप ने की बेइज्जती! न्यू यॉर्क में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के काफिले को ट्रंप की पुलिस ने रोका. लाख मिन्नतों के बावजूद नहीं जाने दिया. यहां तक कि मैक्रों द्वारा ट्रंप को कॉल करने के बावजूद नहीं हुआ मामला हल, जाना पड़ा पैदल. कहा जा रहा है कि ये महज एक मामला नहीं और सिर्फ फ्रांस को ही नहीं यूरोप को भी संदेश है कि ‘Who is The Boss!’
अमेरिका के न्यू यॉर्क में इन दिनों सबसे बड़ा मेला लगा हुआ है. दुनियाभर के देशों के राष्ट्राध्यक्ष और नेता UNGA की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं या अपनी बारी के दिन पहुंचेंगे. इसी सिलसिले में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो भी भी पहुंचा, जहां एक तरफ से उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बेइज्जती की गई है. इसको लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. ये वाकया उस समय पेश आया जब मैक्रों के काफिले को पुलिस ने सरेआम रोक दिया, जिसकी वजह से फ्रेंच राष्ट्रपति को पैदल ही जाना पड़ा. वो देश जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का परमानेंट मेंबर है, जिसकी अपनी ताकत है, जो यूएस का पार्टनर माना जाता है; उसके साथ इस तरीके से पेश आना पूरी दुनिया को हैरान कर गया.
मैक्रों के मोटरकेड को रोका, ट्रंप ने हस्तक्षेप करने से किया इनकार!
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो को फजीहत का सामना करना पड़ा. उनकी खूब खिल्ली उड़ रही है. कहा जाने लगा कि देखा ट्रंप कैसे यूरोप और यूरोपीय नेताओं को ट्रीट करते हैं. कैसे अमेरिका यूरोप को अपनी स्टिक से हांकता रहता है और उसके नेता बखूबी ऐसा होने भी देते हैं. इस पूरे वाकये को उस तस्वीर से भी जोड़कर देखा जा रहा है जब जेलेस्की के साथ वार्ता के लिए पहुंचे यूरोपीय नेताओं को ट्रंप लेक्चर देते दिखे. यानी कि ट्रंप कुर्सी पर एक तरफ बैठे हैं और बाकी सारे नेता लाइन में सामने बैठे हैं, जैसे अमूमन क्लास लगती है.
अब आते हैं मामले के ऊपर. हुआ कुंछ ये कि न्यूयॉर्क सिटी पुलिस ने मैक्रों की गाड़ी को रोक लिया. न सिर्फ उनके काफिले को रोका गया बल्कि उन्हें ट्रंप के काफिले को रास्ता देने के लिए सड़क पर ही इंतजार करने को मजबूर किया गया. एक मझे हुए नेता के तौर पर तो फ्रेंच राष्ट्रपति ने इस पूरे मसले को अपने चेहरे पर नहीं हावी होने दिया, लेकिन ये साफ दिख रहा था कि वो इससे फ्रस्टेट नजर आ रहे थे. इस दौरान उनकी पुलिस के साथ बहस भी हुई और जब मामला हल न हुआ तो उन्हें सीधे ट्रंप को कॉल करना पड़ा.
मैक्रों करते रहे मिन्नतें लेकिन पुलिस ने एक न सुनी!
मैक्रो की इस 'बेइज्जती' का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ-साफ नजर आ रहा है कि फ्रेंच प्रेजिडेंट जैसे ही UN हेडक्वार्टर से बाहर निकलते हैं वो सड़क पर फंस जाते हैं. उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा. यहां पर एक पुलिस अधिकारी राष्ट्रपति मैक्रो से कहता हुआ नजर आता है कि 'मुझे बहुत अफसोस है मिस्टर प्रेसीडेंट, एवरीथिंग इज फ्रोजन.' आपको बता दें कि यहां फ्रोजन शब्द का इस्तेमाल स्टैंडबॉय के लिए किया गया है. ये तब होता है जब VIP मूवमेंट होती है तब रोड, ट्रैफिक और सारी गतिविधि को कुछ देर के लिए रोक दिया जाता है. जब फ्रांस के राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मी इस पूरे मामले को निपटाने में असफल रहते हैं तो खुद राष्ट्रपति को बाहर निकलना पड़ता है और वो स्वयं इस पूरे मामले को सुलझाने की कोशिश करते हैं, यहां तक की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे कॉल करते हैं.
ट्रंप ने मैक्रों की एक न सुनी, आखिरकार जाना पड़ा पैदल
पुलिस से बात न बनता देख मैक्रो ने ट्रंप को फोन पर किया और कहा: 'अंदाजा लगाइए, मैं इस समय सड़क पर हूं क्योंकि सबकुछ आपके लिए रोक दिया गया है.' लेकिन ऐसा लगा जैसे ट्रंप ने बात मानने और हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. इसलिए तो कई मिनटों तक फ्रेंच राष्ट्रपति को आउट इन ओपन इंतजार करना पड़ा. फ्रांस के राष्ट्रपति को अपने बॉडीगार्ड्स के साथ काफी देर तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ गया और बाद में पैदल ही आगे बढ़े वो भी तब जब नॉर्मल सिविलियंस के लिए सड़क खोला गया. आपको बता दें कि मैक्रो इन दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के लिए अमेरिका में हैं.
सोशल मीडिया पर तमाम तरह के प्रतिक्रियाएं दे रहे नेटिजंस
मैक्रो की इस फजीहत का वीडियो वायरल होते ही X पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. नेटिजंस ने अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रियाएं दीं. एक एक्स यूजर ने लिखा, 'यह कोई एक मिक्स-अप यानी कि संयोग नहीं, बल्कि ताकत का प्रदर्शन है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि दुनियाभर के नेताओं को पता चल सके कि Who is The Boss.' एक और यूजर ने कहा, 'मैक्रों को पता चल गया है कि अमेरिका में कौन सारे मसलों को चलाता है, भले ही वे ड्यूटी पर न हों.' इसके अलावा अन्य लोगों ने इसे अपमानजनक करार दिया और प्रोटोकॉल का उल्लंघन करार दिया.
ये पूरी घटना उस समय हुई है जब फ्रेंच राष्ट्रपति अपने देश में लोकप्रियता के मामले में ऑल टाइम लो पर हैं. एक पोल के मुताबिक उनकी अप्रूवल रेटिंग गिरकर 17 प्रतिशत हो गई है और यह 2017 में उनके पदभार ग्रहण करने के बाद से सबसे कम है. ऐसे में ये घटना राइटविंगर्स को फ्रांस में उन पर हमले का मौका देगा. आपको बता दें कि मैक्रों को मध्यमार्गी माना जाता है.
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