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उत्तराखंड में पेंशनधारकों को बड़ी राहत, CM धामी ने DBT से 9.43 लाख लाभार्थियों के खातों में 140.26 करोड़ रुपए किए जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीबीटी के जरिए दिसंबर माह की पेंशन किश्त जारी करते हुए 9.43 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 140.26 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए और पारदर्शी शासन व्यवस्था पर जोर दिया.

Pushkar Singh Dhami

देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत चलाई जा रही विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी प्रणाली के माध्यम से दिसंबर माह की पेंशन किश्त का भुगतान किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने 9 लाख 43 हजार 964 लाभार्थियों के खातों में कुल 140 करोड़ 26 लाख 97 हजार रुपए की राशि ऑनलाइन जारी की.

शासन व्यवस्था पर जोर 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों, वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों एवं निराश्रितों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी प्रकार के भुगतान अब डीबीटी प्रणाली से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किए जा रहे हैं, जिससे समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है.

CM धामी ने दिए निर्देश 

मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए 60 साल की आयु होते ही राज्य के जो लोग पात्रता की श्रेणी में आ रहे हों, उनका 59 साल की आयु से ही चिन्हीकरण कर लिया जाए, ताकि पात्रता की श्रेणी में आने पर उन्हें शीघ्र पेंशन का भुगतान किया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि समाज के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को किसी भी प्रकार की कठिनाई के बिना योजनाओं का लाभ मिले. उन्होंने निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे, इसके लिए नियमित सत्यापन एवं निगरानी की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनहित की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. इस अवसर पर निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.

बताते चलें कि मुख्यमंत्री धामी की इस पहल से पेंशनधारकों को समय पर आर्थिक सहायता मिली है और शासन की पारदर्शिता पर जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है. राज्य सरकार की यह कोशिश साफ संदेश देती है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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