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विराट-रोहित के गलत शॉट खेलकर आउट होने पर योगराज सिंह ने टीम मैनेजमेंट पर खड़े किए सवाल

योगराज ने विराट कोहली और रोहित शर्मा समेत कई सीनियर खिलाड़ियों के एक तरह के गलत शॉट्स पर आउट होने पर कहा, ''गेम से बड़ा कोई खिलाड़ी नही है। विराट कोहली को बताना चाहिए था कि इस शॉट्स को ना खेलें।''

पूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह ने कहा है कि बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस बेहतर थी लेकिन आखिरी मैच में जसप्रीत बुमराह का ना खेलना रहा हार का सबसे बड़ा कारण रहा।  

भारत रविवार को सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया से छह विकेट से हार के बाद सीरीज 1-3 से गंवा बैठा और उसका लगातार तीसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में खेलने का सपना टूट गया।

योगराज ने विराट कोहली और रोहित शर्मा समेत कई सीनियर खिलाड़ियों के एक तरह के गलत शॉट्स पर आउट होने पर कहा, ''गेम से बड़ा कोई खिलाड़ी नही है। विराट कोहली को बताना चाहिए था कि इस शॉट्स को ना खेलें।''

उन्होंने सचिन तेंदुलकर की उदहारण देते हुए कहा, ''सचिन जब ऑस्ट्रेलिया में रन नहीं बना पा रहे थे तो उन्होंने कवरड्राइव खेलना छोड़ दिया था। 235 रन नॉटआउट की पारी में एक भी बार यह शॉट नहीं खेला।''

योगराज ने साथ ही कहा कि कोचिंग और मैनेजमेंट में यह डिफरेंस है। उन्होंने कहा,'' कोचिंग का मतलब है कि बताना चाहिए कि यह शॉट ना खेलें। सवाल यह रहता है विराट और रोहित को कौन बताए ? वो भी चाहते है हमें बताया जाए , मैनेजमेंट की जरूरत है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज ने कहा, ''मैनेजमेंट और बीसीसीआई से गुजारिश है कि एक ऐसी मैनेजमेंट बनाए जिसमे मां, बाप और भाई की झलक दिखाई दे। कोच गौतम गंभीर अच्छे क्रिकेटर है जहां गलत होता है वो कहता भी है लेकिन मैनेजमेंट चाहिए जो बता सके। जब मैं ऑस्ट्रेलिया में खेला तो कपिल देव कप्तान के तौर पर बताते थे। ''

योगराज ने साथ ही कहा, ''इसी तरह बड़े खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेकर बताना चाहिए। कोच और मैनेजमेंट वो जादू की छड़ी है कि जब बच्चे परफॉर्मेंस ना कर रहे हो तो उन्हें उभारकर ऊपर ला सकते हैं।''

Input: IANS

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