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मोहम्मद शमी की बढ़ीं मुश्किलें, मतदाता सूची जांच में चुनाव आयोग का नोटिस

चुनाव वाले बंगाल के लिए फाइनल मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित होगी. दिसंबर में प्रकाशित एसआईआर ड्राफ्ट रोल से 58 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. चुनाव आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए बुलाया है. इस प्रक्रिया की शुरुआत 16 दिसंबर को हुई थी.

SIR नोटिस पर मोहम्मद शमी की बढ़ीं मुश्किलें

साउथ कोलकाता के जादवपुर इलाके के कार्टजू नगर स्कूल से सोमवार को नोटिस जारी किए गए, जिसमें उन्हें असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के सामने पेश होने का आदेश दिया गया.

विजय हजारे ट्रॉफी में पश्चिम बंगाल की टीम की तरफ से खेलने के कारण मोहम्मद शमी तय समय पर सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके. इस समय वह राजकोट में हैं.

शमी ने लिखा चुनाव आयोग को पत्र

शमी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपने उपस्थित न रहने की वजह बताई थी. उन्होंने लिखा, "मैं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में 05 जनवरी 2026 को आपके कार्यालय में मेरी उपस्थिति के संबंध में प्राप्त नोटिस के संदर्भ में लिख रहा हूं. मैं आपको सम्मानपूर्वक सूचित करना चाहता हूं कि घरेलू क्रिकेट मैचों में मेरी वर्तमान भागीदारी की वजह से, मैं आधिकारिक तौर पर बंगाल राज्य टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं, मैं उल्लिखित तारीख और समय पर निर्धारित सुनवाई में शामिल नहीं हो पाऊंगा."

शमी कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन वार्ड नंबर 93 में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं. यह क्षेत्र रासबिहारी असेंबली के अंतर्गत आता है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले शमी लंबे समय से कोलकाता में रह रहे हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक शमी और उनके भाई का नाम सुनवाई सूची में एन्यूमरेशन फॉर्म में दिक्कतों की वजह से आया. ये दिक्कतें प्रोजेनी मैपिंग और सेल्फ-मैपिंग में गड़बड़ियों से जुड़ी हैं. शमी के मामले की सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होनी है.

चुनाव वाले बंगाल के लिए फाइनल मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित होगी. दिसंबर में प्रकाशित एसआईआर ड्राफ्ट रोल से 58 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं.

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