Advertisement

विदेश जाने वाले युवाओं को मिलेगी विदेशी भाषा की खास ट्रेनिंग, योगी सरकार ने शुरू की नई योजना

CM Yogi: इस योजना से लाभान्वित होने वाले युवा विदेश में बेहतर ढंग से संवाद कर पाएंगे और कार्यस्थलों पर आने वाली भाषाई अड़चनों का सामना भी सहजता से कर सकेंगे

Image Source: Social Media

UP Foreign Languages Traning Scheme: प्रदेश सरकार ने उन युवाओं के लिए एक अहम कदम उठाया है जो विदेशों में रोजगार तलाश रहे हैं. अब श्रम और सेवायोजन विभाग ऐसी नई योजना लागू करने की तैयारी में है, जिसके माध्यम से विदेश जाने वाले कुशल श्रमिकों को न सिर्फ विदेशी भाषाओं का बुनियादी प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि उनके कामकाजी कौशल को भी बेहतर बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य यह है कि युवाओं को किसी दूसरे देश में पहुंचने पर भाषा को लेकर होने वाली दिक्कतों से बचाया जा सके और वे अपने काम में अधिक दक्षता के साथ भाग ले सकें. इस योजना से लाभान्वित होने वाले युवा विदेश में बेहतर ढंग से संवाद कर पाएंगे और कार्यस्थलों पर आने वाली भाषाई अड़चनों का सामना भी सहजता से कर सकेंगे.

भाषा प्रशिक्षण के लिए एमओयू की तैयारी


सरकार की इस नई पहल के तहत विभाग जल्द ही लखनऊ स्थित केएमसी भाषा विश्वविद्यालय के साथ एमओयू करने जा रहा है. इस समझौते के बाद युवाओं को जापानी, जर्मन, हिब्रू (इजरायली भाषा) और रूसी जैसी भाषाओं का प्रशिक्षण आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा. यह भाषाएं उन देशों की प्रमुख भाषाएं हैं, जहां उत्तर प्रदेश के युवाओं और श्रमिकों की लगातार अच्छी मांग बनी हुई है. भाषा में बुनियादी पकड़ होने से न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि उन्हें वहां की संस्कृति, कार्यप्रणाली और सामाजिक वातावरण के साथ सामंजस्य बैठाने में भी मदद मिलेगी.

नर्सिंग और तकनीकी क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण


जर्मनी और जापान जैसे देशों में नर्सिंग पेशेवरों की बढ़ती मांग को देखते हुए, श्रम विभाग नर्सिंग एसोसिएशन ग्रेटर नोएडा के साथ भी एमओयू करने की तैयारी कर रहा है. इसके माध्यम से नर्सिंग क्षेत्र के युवाओं और विशेषकर युवतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा. इसके अतिरिक्त, कुछ अन्य संस्थानों के सहयोग से मशीन संचालन, निर्माण तकनीक, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल स्किल्स तथा हेल्थकेयर से जुड़े बुनियादी कौशलों का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा. इन सभी प्रशिक्षणों का उद्देश्य युवाओं को वैश्विक श्रम बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है.

वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग और प्रदेश की स्थिति मजबूत


श्रम विभाग के प्रमुख सचिव, डॉ. एम.के. शनमुघा सुंदरम ने बताया कि इजरायल, जर्मनी, रूस, जापान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में उत्तर प्रदेश के श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में यदि भाषा और कामकाजी क्षमता दोनों में सुधार किया जाए तो श्रमिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर पाना और भी आसान हो जाएगा. साथ ही, वे विदेशों में अधिक आत्मविश्वास के साथ काम कर पाएंगे और बेहतर रोजगार शर्तें भी हासिल कर सकेंगे. यह पहल प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजार में एक मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है.

प्रशिक्षण मॉड्यूल और चयन प्रक्रिया जल्द शुरू


विभाग ने संकेत दिया है कि प्रशिक्षण मॉड्यूल जल्द ही तैयार किए जाएंगे और इसके बाद पात्र युवाओं का चयन शुरू किया जाएगा. अनुमान है कि इस योजना से प्रदेश के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. प्रशिक्षित होने के बाद ये युवा न केवल बेहतर रोजगार पा सकेंगे, बल्कि अपने परिवार और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ बना पाएंगे. यह पहल रोजगार वृद्धि के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली है.


रिक्रूटमेंट एजेंसी लाइसेंस से बढ़ी विभाग की क्षमता

श्रम और सेवायोजन विभाग को हाल ही में रिक्रूटमेंट एजेंसी (RA) का लाइसेंस मिला है. इसका अर्थ यह है कि अब विभाग को सीधे श्रमिकों को विदेश भेजने, उन्हें सही परामर्श देने और सुरक्षा मानकों की निगरानी करने का अधिकार मिल गया है. पिछले वर्ष विभाग ने 5,978 निर्माण श्रमिकों को इजरायल भेजकर अपनी दक्षता का प्रमाण भी दिया है. नए लाइसेंस के बाद यह प्रक्रिया और अधिक सुगम, पारदर्शी और विश्वसनीय होने की उम्मीद है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE