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योगी सरकार की बड़ी पहल, यूपी में 5000 से अधिक फार्म मशीनरी बैंक, किसानों को  मिली नई सुविधा

CM Yogi: राज्य सरकार किसानों के विकास और कृषि में तकनीकी सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है. किसान अब आधुनिक यंत्रों का लाभ आसानी से उठा सकते हैं और खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बना सकते हैं.

Image Source: Social Media

Kisan Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों को सुलभ और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में सक्रिय है.राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और खेती के काम को आसान बनाने में मदद मिल रही है. यह प्रयास न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करता है बल्कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार को भी बढ़ावा देता है.

ई-लॉटरी से पारदर्शी चयन प्रक्रिया

किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने ई-लॉटरी प्रणाली अपनाई है. प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यह प्रक्रिया संचालित की जाती है. कृषि विभाग द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन किया जाता है, ताकि किसी प्रकार का भेदभाव न हो और सभी किसानों को समान अवसर मिल सके. यह प्रक्रिया सभी जनपदों में समान रूप से चलती है और किसानों को मोबाइल एसएमएस के माध्यम से चयन की सूचना दी जाती है.

साथ ही, प्रतीक्षा सूची में चयनित किसानों को भी सूचित किया जाता है. कृषि यंत्रों की बुकिंग विभागीय पोर्टल पर की जाती है. इसमें प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू योजना, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना और नेशनल मिशन ऑन एडिबल (ऑइलसीड) योजना के अंतर्गत मिनी ऑइल मिल एक्स्ट्रैक्सन यूनिट तथा तिरपाल की बुकिंग शामिल है. ई-लॉटरी में चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत राशि अधिकतम छह महीने के भीतर वापस कर दी जाती है.

2.31 लाख से अधिक कृषि यंत्रों का वितरण


राज्य में 2017-18 से 2024-25 तक विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,31,012 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण किया जा चुका है. इसके अलावा, 8,405 कस्टम हायरिंग सेंटर और 7,351 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं. केवल वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 8,531 कृषि यंत्र और 82 फार्म मशीनरी बैंक के बिल पोर्टल पर अपलोड कराए जा चुके हैं. यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि राज्य सरकार कृषि यंत्रों को किसानों तक पहुँचाने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास कर रही है.

किसान हित में पारदर्शिता और जिम्मेदारी


योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएँ पूरी तरह से पारदर्शी और किसान-केंद्रित हों. इसके तहत न केवल चयन प्रक्रिया स्पष्ट है, बल्कि किसानों की जमा राशि की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि जिन्होंने पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लॉटरी प्रक्रिया में अवश्य भाग लें ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके. इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार किसानों के विकास और कृषि में तकनीकी सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है. किसान अब आधुनिक यंत्रों का लाभ आसानी से उठा सकते हैं और खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बना सकते हैं.

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