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Anil Ambani की किस्मत कौन बदल रहा है? रिलायंस ग्रुप की कंपनियां कैसे हो रही हैं कर्जमुक्त?

अनिल अंबानी, जो कभी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक थे, अब एक नया मोड़ ले रहे हैं। उनके द्वारा संचालित रिलायंस समूह की कंपनियां, जो एक समय भारी कर्ज़ में डूबी हुई थीं, अब कर्जमुक्त होने की दिशा में बढ़ रही हैं। एक वक्त ऐसा था जब अनिल अंबानी की कंपनियां कर्ज के बोझ तले दब गई थीं और उनके कारोबार का भविष्य अंधकारमय दिख रहा था। लेकिन अब चीज़ें बदल रही हैं। आखिर कौन बदल रहा है अनिल अंबानी की किस्मत

अनिल अंबानी, क्या आप जानते हैं कि एक समय था जब  इनका नाम भारतीय उद्योग की दुनिया में धूम मचाता था? लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कर्ज की भारी मात्रा ने उन्हें और उनके साम्राज्य को संकट में डाल दिया। हालाँकि, अब हालात बदल रहे हैं अब अनिल अंबानी के लिए एक नई सुबह की किरण नजर आ रही है। उनकी कंपनियां तेजी से कर्ज चुकाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। अ्ब रिलायंस पावर की सब्सिडियरी कंपनी, रोजा पावर को दही देख लो, जिसने समय से पहले 850 करोड़ रुपये का कर्ज दिया।  एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर कौन बदल रहा है अनिल अंबानी की किस्मत और कैसे उनकी कंपनियां कर्ज़मुक्त हो रही हैं? आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।
अनिल अंबानी: एक दौर का बड़ा नाम
धीरूभाई अंबानी के दोनों बेटे, मुकेश और अनिल अंबानी ने अपने-अपने क्षेत्रों में जबरदस्त सफलता हासिल की। लेकिन 2000 के दशक में जब दोनों भाइयों के बीच कारोबार का बंटवारा हुआ, तो अनिल अंबानी ने टेलीकॉम, बिजली और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों को चुना। शुरुआती वर्षों में उनके व्यवसाय ने बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की और तेजी से ग्रोथ भी की। अनिल अंबानी की कंपनियों का कद इतना बढ़ गया था कि वे देश के सबसे धनी व्यक्तियों में शुमार हो गए।

हालांकि, सफलता का यह दौर ज्यादा लंबे समय तक नहीं चला। 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी और कुछ गलत व्यावसायिक निर्णयों के कारण अनिल अंबानी की कंपनियों पर भारी कर्ज चढ़ गया। इसके अलावा, टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस कम्युनिकेशन को Jio जैसी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा, जिससे कंपनी के लिए मुश्किलें और बढ़ गईं। इसके बाद, रिलायंस ग्रुप की अन्य कंपनियों जैसे रिलायंस पावर और रिलायंस कैपिटल को भी कठिन आर्थिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। 2019 तक, अनिल अंबानी की कंपनियां इतने कर्ज में डूब गईं कि उन्हें अपने कुछ प्रमुख संपत्तियों को बेचना पड़ा।
मुश्किल दौर और अदालती विवाद
अनिल अंबानी का संघर्ष सिर्फ कारोबारी नहीं था, बल्कि उन्हें कानूनी विवादों का भी सामना करना पड़ा। 2019 में, उन्हें एरिक्सन कंपनी के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा चेतावनी दी गई थी, की अगर उन्होंने कर्ज नहीं चुकाया तो उन्हें जेल की सजा हो सकती थी। उस वक्त मुकेश अंबानी ने हस्तक्षेप करते हुए अपने छोटे भाई की मदद की और 450 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया, जिससे अनिल अंबानी को जेल जाने से बचाया जा सका।

अब कैसे बदल रही है किस्मत?

हाल के दिनों में, अनिल अंबानी की किस्मत में बदलाव के संकेत नजर आने लगे हैं। उनकी कंपनियां अब धीरे-धीरे कर्जमुक्त हो रही हैं और यह संभव हुआ है कुछ खास कदमों के कारण।

1. संपत्तियों की बिक्री से कर्ज़ घटाना
अनिल अंबानी ने अपनी कंपनियों की कुछ महत्वपूर्ण संपत्तियों को बेचकर कर्ज़ कम करने का कदम उठाया है। उदाहरण के लिए, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर ने अपने कुछ परियोजनाओं और परिसंपत्तियों को बेचा है, जिससे उन्होंने कर्ज को चुकाने में मदद पाई है।

2. सरकारी अनुबंधों से राहत
अनिल अंबानी की कंपनियों को कुछ सरकारी अनुबंध भी मिले हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। जैसे कि, रिलायंस डिफेंस ने भारतीय सेना के लिए कुछ महत्वपूर्ण अनुबंध हासिल किए हैं, जिससे कंपनी को आर्थिक रूप से मजबूती मिली है।

3. रिस्ट्रक्चरिंग और पुनर्वित्तीयन
रिलायंस ग्रुप की कंपनियों ने अपने कर्ज को पुनर्गठित किया है, जिससे उन्हें ब्याज के बोझ से राहत मिली है। कंपनियों ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ अपने कर्ज की अदायगी को लेकर नए समझौते किए हैं, जिससे वे अपने कर्ज की किस्तों को नई शर्तों के तहत चुकाने में सक्षम हो रहे हैं।

4. टेक्नोलॉजी और नए क्षेत्रों में प्रवेश
अनिल अंबानी ने अपनी कंपनियों को टेक्नोलॉजी और नए क्षेत्रों में प्रवेश करने के लिए तैयार किया है। रिलायंस कम्युनिकेशन के बंद होने के बाद, उन्होंने नए क्षेत्रों में निवेश करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, रिलायंस पावर ने अपने ऊर्जा क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की है, जिससे कंपनी को नए अवसर मिल रहे हैं।

5. मुकेश अंबानी की मदद
हालांकि अनिल अंबानी और मुकेश अंबानी के बीच व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा रही है, लेकिन मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई की संकट के समय मदद की है। कुछ आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकेश अंबानी की परोक्ष मदद और उनके द्वारा दिए गए सलाह से भी अनिल अंबानी की किस्मत बदल रही है।

अनिल अंबानी के लिए आगे का रास्ता पूरी तरह से साफ नहीं है, लेकिन जिस तरह से उनकी कंपनियां कर्जमुक्त होने की दिशा में बढ़ रही हैं, उससे यह संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में उनकी किस्मत और बेहतर हो सकती है। हालांकि, उन्हें अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जैसे कि प्रतिस्पर्धा, बाजार की अनिश्चितताएं और कानूनी विवाद।

लेकिन एक बात तो साफ है कि अनिल अंबानी ने एक बार फिर से अपनी कंपनियों को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, और अगर वे इसी दिशा में चलते रहे, तो आने वाले समय में उनका साम्राज्य फिर से अपने पुराने गौरव को प्राप्त कर सकता है।


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