श्रीनगर ग्रेनेड अटैक: NIA ने बडगाम के मुश्ताक गनी को किया गिरफ्तार, सामने आया TRC मार्केट ब्लास्ट का मास्टरमाइंड

श्रीनगर के TRC बाजार में नवंबर 2024 को हुए ग्रेनेड हमले की जांच में एनआईए को बड़ी सफलता मिली है. बडगाम निवासी मुश्ताक गनी की गिरफ्तारी से सामने आया है कि यह हमला ISIS से जुड़े नेटवर्क की बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसका मकसद घाटी में दहशत और अस्थिरता फैलाना था.

श्रीनगर के व्यस्त बाजार में नवंबर 2024 को हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. एजेंसी ने कश्मीर के बडगाम जिले के निवासी मुश्ताक अहमद गनी को गिरफ्तार किया है, जो इस आतंकी हमले में आतंकियों का मददगार बताया जा रहा है. यह हमला न केवल एक निर्दोष महिला की जान ले गया बल्कि घाटी में फिर से भय और दहशत का माहौल बनाने का प्रयास भी था.

TRC मार्केट में नवंबर 2024 को मचा था कोहराम

यह हमला 3 नवंबर 2024 को श्रीनगर के भीड़भाड़ वाले TRC (टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर) के पास रविवार बाजार में हुआ था. अचानक हुए ग्रेनेड विस्फोट में जहां एक महिला की जान गई, वहीं कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जांच में सामने आया कि इस हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) की कश्मीर शाखा ISJK (Islamic State in Jammu and Kashmir) से जुड़े आतंकी शामिल थे. इस हमले का मकसद केवल जान-माल को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि घाटी में अशांति और खौफ का माहौल फैलाना था.

NIA की जांच में बड़ा खुलासा

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुश्ताक अहमद गनी एक ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में आतंकियों की मदद कर रहा था. 22 मई 2025 को उसकी गिरफ्तारी हुई और अब उससे पूछताछ की जा रही है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग हैं जो आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहे हैं. एनआईए को शक है कि हमले की साजिश के पीछे कुछ अन्य आतंकी नेटवर्क भी शामिल हो सकते हैं, जिनके तार सीमा पार से जुड़े हुए हैं.

इस मामले में एनआईए ने इस महीने की शुरुआत में तीन अन्य आतंकी शेख उसामा यासीन, उमर फैयाज शेख और अफनान मंसूर नाइक के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. इन तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, और हाल ही में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए . ये तीनों आरोपी इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं.

एनआईए के पिछले आधिकारिक बयान के अनुसार, “इन तीनों आरोपियों ने इस हमले की योजना बनाई, साजिश रची और इसे अंजाम दिया ताकि क्षेत्र में आतंक और घबराहट का माहौल बन सके.” इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि हमला केवल एक स्थानीय घटना नहीं थी बल्कि इसका मकसद समाज में भय और अव्यवस्था फैलाकर आतंकवादियों की हिंसक विचारधारा को आगे बढ़ाना था, जिसे विदेशी ताकतों का समर्थन प्राप्त था.

घाटी में फिर से सक्रिय हो रहे हैं आतंकी नेटवर्क

NIA की ताजा गिरफ्तारी से यह साफ होता जा रहा है कि घाटी में आतंकी नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहे हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ओवरग्राउंड वर्कर्स की मौजूदगी गुप्त रूप से बनी हुई है. इस गिरफ्तारी के बाद एजेंसी का फोकस अब उन नेटवर्क्स को उजागर करने पर है जो इन आतंकियों को छुपाने, हथियार देने और रणनीति बनाने में मदद कर रहे हैं. घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है.

श्रीनगर ग्रेनेड ब्लास्ट की यह जांच अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां से आने वाले दिनों में आतंक की जड़ों पर बड़ा प्रहार हो सकता है. मुश्ताक गनी की गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि उस पूरे सिस्टम के उजागर होने की शुरुआत है जो घाटी को अशांत रखने की योजनाएं बना रहे हैं. भारत की एजेंसियों के लिए यह एक संदेश है कि कोई भी हमला चाहे जितना छोटा क्यों न लगे, उसके पीछे की साजिश बहुत बड़ी हो सकती है.

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