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'किसी को तो जोखिम लेना होगा, नुकसान होगा तो मेरा...', आखिर युवाओं से ऐसा क्यों बोले PM मोदी
National Startup Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश साफ है कि देश का भविष्य उन युवाओं के हाथ में है, जो जोखिम लेने का साहस रखते हैं. सरकार ऐसे युवाओं के साथ खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव मदद दे रही है.
National Startup Day: दिल्ली के भारत मंडपम में नेशनल स्टार्टअप डे (National Startup Day) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से खुलकर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जैसे आज के युवा जोखिम लेने से नहीं डरते, वैसे ही उन्हें भी जोखिम लेना पसंद है. पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य की परवाह किए बिना कई ऐसे फैसले लिए, जो देश के हित में थे. उन्होंने कहा कि अगर नुकसान होता तो वह उनका व्यक्तिगत नुकसान होता, लेकिन अगर फायदा होता है तो उसका लाभ पूरे देश को मिलता है. प्रधानमंत्री ने बताया कि इस साल स्टार्टअप इंडिया अभियान के 10 साल पूरे हो रहे हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि जो पहल कभी एक सोच के रूप में शुरू हुई थी, वह आज एक आंदोलन और क्रांति बन चुकी है.
भारत बना दुनिया का बड़ा स्टार्टअप हब
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के युवा सिर्फ नौकरी खोजने वाले नहीं हैं, बल्कि देश की समस्याओं का समाधान खोजने वाले बन चुके हैं. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है. केवल 10 साल में स्टार्टअप मिशन ने देश की सोच बदल दी है.
उन्होंने कहा कि आज जोखिम लेना जिंदगी की मुख्यधारा का हिस्सा बन चुका है. पहले लोग सिर्फ महीने की सैलरी तक सीमित सोचते थे, लेकिन अब जो लोग अलग सोचते हैं, नए रास्ते अपनाते हैं, उन्हें समाज में सम्मान की नजर से देखा जाता है.
10 साल पहले और आज का भारत
प्रधानमंत्री ने युवाओं को याद दिलाया कि आज से 10 साल पहले हालात कैसे थ. उस समय व्यक्तिगत प्रयास और इनोवेशन के लिए बहुत कम मौके थे. सिस्टम ऐसा नहीं था जो नए विचारों को आगे बढ़ाए. पीएम मोदी ने कहा कि हमने इस सोच को चुनौती दी और युवाओं को खुला आसमान दिया. आज उसी का नतीजा है कि स्टार्टअप एक क्रांति बन चुका है और भारत दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है.
जोखिम लेने की आदत मेरी भी है - पीएम मोदी
युवाओं की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें भी जोखिम लेना पसंद है. उन्होंने कहा कि वे हमेशा रिस्क टेकिंग पर जोर देते आए हैं. उन्होंने बताया कि कई ऐसे काम थे, जिन्हें दशकों तक पिछली सरकारों ने हाथ नहीं लगाया क्योंकि उन्हें चुनाव हारने या कुर्सी जाने का डर था। पीएम मोदी ने कहा, जब लोग आकर कहते थे कि यह फैसला बहुत बड़ा राजनीतिक जोखिम है, तब उन्होंने उसे अपनी जिम्मेदारी समझकर किया. उनका मानना है कि जो काम देश के लिए जरूरी है, उसे किसी न किसी को करना ही होगा, चाहे उसके लिए जोखिम क्यों न उठाना पड़े.
नुकसान मेरा, फायदा देश का
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि अगर किसी फैसले से नुकसान होता है तो वह उनका व्यक्तिगत नुकसान होगा, लेकिन अगर उससे फायदा होता है तो उसका लाभ देश के करोड़ों परिवारों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में ऐसा माहौल तैयार हुआ है, जो नवाचार और नए विचारों को आगे बढ़ाता है.
यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या
भविष्य के उद्यमियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि आज भारत में सवा सौ से ज्यादा सक्रिय यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं, जबकि साल 2014 में इनकी संख्या सिर्फ 4 थी. उन्होंने कहा कि आज छोटे स्टार्टअप भी बड़ी कंपनियों में बदल रहे हैं, जो देश के लिए बहुत अच्छी खबर है.
कंफर्ट जोन में नहीं रहना चाहता आज का युवा
पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारतीय युवा कंफर्ट जोन में जिंदगी बिताने को तैयार नहीं है. उसे घिसी-पिटी जिंदगी पसंद नहीं है. वह कुछ नया करना चाहता है, कुछ अलग बनाना चाहता है और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहता है.
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