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Waqf कानून के विरोध में चली थीं विरोध प्रदर्शन करने, पुलिस ने भेज दिया 10 लाख का नोटिस !
कांग्रेस नेता उजमा परवीन ने जैसे सीएए विरोध के नाम पर सड़क घेर कर विरोध प्रदर्शन किया था उसी तरह से अब वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही थीं लेकिन जैसे ही लखनऊ पुलिस को इस बात की भनक लगी तुरंत उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया और दस लाख रुपये का नोटिस भी थमा दिया
यूपी पुलिस पर दस लाख रुपये का नोटिस भेजने का आरोप लगा रहीं कांग्रेस नेता सैयद उजमा परवीन ने सोशल मीडिया पर लिखा:
वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहीं कांग्रेस नेता उजमा परवीन को जैसे ही पुलिस ने दस लाख रुपये का नोटिस थमाया, वह इस कदर बौखला गईं कि सोशल मीडिया पर ही एक वीडियो जारी करते हुए पूछा:
"लोकतंत्र में क्या इतना अधिकार नहीं है कि इंसान अपनी आवाज उठा सके? क्या हम अपने हक के लिए लड़ भी नहीं सकते? क्या यहां राजशाही, तानाशाही चल रही है?"
सीएए विरोध के नाम पर सड़क घेरने वाली कांग्रेस नेता उजमा परवीन को लगा कि वक्फ बिल के विरोध के नाम पर एक बार फिर सड़क घेर सकती हैं, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दस लाख रुपये का नोटिस भेज दिया और चेतावनी भी दे दी कि वक्फ बिल के विरोध के नाम पर सड़क घेरना बर्दाश्त नहीं होगा।
वैसे भी यूपी में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों का अंजाम क्या होता है, यह बात सीएम योगी पहले ही समझा चुके हैं।
शायद यही वजह है कि 4 फरवरी को राज्यसभा से वक्फ बिल पास हुआ और 5 फरवरी को जुमे की नमाज थी, लेकिन इसके बावजूद मस्जिदों से बिल के विरोध करने की कोई आवाज नहीं आई। और कई जगह तो खुद मुसलमान मिठाई बांटते हुए भी नजर आए।
तो क्या इसका मतलब यह है कि मोदी सरकार की पहुंच मुस्लिम समुदाय तक पहुंचने लगी है?
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