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भारतीय वायुसेना के अभ्यास से थर्रा उठा पाकिस्तान! UP में गंगा एक्सप्रेसवे पर गरजे मिराज, राफेल, सुखोई और जगुआर फाइटर जेट
उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेस-वे पर इंडियन एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग अभ्यास शुरू किया. 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमान लैंडिंग और टेक-ऑफ की प्रैक्टिस कर रहे हैं. अगर युद्ध जैसी आपात स्थिति बने, तो इस एक्सप्रेसवे की पट्टी को वैकल्पिक हवाई अड्डे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बीच सबकी नजरें यूपी के शाहजहांपुर पर टिकी हैं. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर युद्धाभ्यास के बाद आज गंगा एक्सप्रेसवे पर बनी हवाई पट्टी पर इंडियन एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग अभ्यास शुरू किया. एक्सप्रेस-वे पर अपना दमखम दिखा रही जेट्स को देखकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के पसीने छूट रहे है. 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी परफाइटर जेट्स अपनी तैयारियों, मसलन टच डाउन, नाइट लैंडिंग आदि को पुख्ता कर रही है. हवाई पट्टी के इस्तेमाल को विस्तार दिया जा रहा है. अगर युद्ध जैसी आपात स्थिति बने, तो इस एक्सप्रेसवे की पट्टी को वैकल्पिक हवाई अड्डे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
गंगा एक्सप्रेस-वे की खासियत
आपको बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी का चौथा ऐसा एक्सप्रेस-वे है, जिसमें हवाई पट्टी है. हालांकि, ये देश का पहला ऐसा एक्सप्रेस-वे जो रात में लैंडिंग की क्षमता रखता है. और इसी वजह से देश में ऐसा पहली बार होगा कि यहां नाइट लैंडिंग ट्रायल हुआ. यह एक्सप्रेस-वे 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा ये एक्सप्रेस-वे 594 किलोमीटर लंबा है. बीते दिनों ही सीएम योगी ने इसका निरीक्षण किया था. इसका 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है.
पहला मौका जब रात में हुई इस तरह की लैंडिंग
दरअसल, शाहजहांपुर के जलालाबाद में बनाई गई हवाई पट्टी पर 2 मई को 12 बजे वायुसेना का AN-32 विमान आया. इस विमान ने करीब पांच मिनट तक चक्कर लगाए. इसके बाद हवाई पट्टी पर इसकी लैंडिंग हुई. करीब एक बजे यह विमान यहां से टेकऑफ कर गया. इसके बाद अन्य विमान आए. इस अत्याधुनिक हवाई पट्टी पर वायुसेना ने रात के समय जबरदस्त एयर शो और नाइट लैंडिंग कर पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है. जानकारी के मुताबिक यह पहला मौका था जब भारत में किसी एक्सप्रेस-वे पर बने रनवे पर रात्रिकालीन अभ्यास के तहत राफेल, सुखोई, मिराज और जगुआर जैसे फाइटर जेट्स ने न सिर्फ लैंडिंग की, बल्कि टेक-ऑफ भी कर दिखाया. एयर फोर्स ने आज जिन विमानों को ट्रायल के लिए उतारा उनमें राफेल, सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर जैसे फाइटर जेट के अलावा C-130J सुपर हरक्यूलिस, AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान और MI-17 हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं. इससे पहले दिन में भी फाइटर जेट्स की गर्जना और करतब से पाकिस्तान की नींद उड़ गई थी.
रक्षा के दृष्टिकोण से शाहजहांपुर का यह इलाका बेहद अहम है. दरअसल यह नेपाल की सीमा के पास है जो चीन से भी सटी हुई है. इस वजह से इलाके की स्ट्रैटिजिक लोकेशन अहम हो जाती है. सिमाओं को ही ध्यान में रखते हुए दिन और रात दोनों तरह की लैंडिंग की सुविधा विकसित की गई है. इमरजेंसी में सेना इस पट्टी का प्रयोग कर सकेगी. अभ्यास में लाए गए एयरक्राफ्ट युद्ध, राहत, रेस्क्यू और स्पेशल ऑपरेशन के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.
एक्सप्रेस वे पर क्यों उतरे फाइटर जेट्स
1971 के वार में पाकिस्तान ने इंडियन एयर फोर्स की हवाई पट्टियों को ज्यादा से ज्यादा निशाना बनाया ताकि फाइटर जेट्स और विमान उड़ान ही नहीं भर पाएं. पट्टियों का इस्तेमाल विमान और जेट्स के टेकऑफ़ और लैंडिंग के लिए किया जाता है. उसी घटना से सीख लेते हुए सरकार और एयरफोर्स ने मिलकर कई एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टी या एयरस्ट्रिप का निर्माण किया ताकि उसे हवाई पट्टियों पर निर्भर न रहना पड़े और वह देश के किसी भी हिस्से और एक्सप्रेसवे से उड़ान भर सके और उसके पास ऑप्शंस की भरमार हो जाए.
पहलगाम हमले का बदला चुन-चुन कर लिया जाएगा: शाह
पहलगाम टेरर अटैक के बाद देशभर में ग़ुस्सा है. लोग आतंकियों के साथ साथ पाकिस्तान पर भी कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं. इसी कड़ी में बीते दिन गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि पहलगाम हमले का बदला चुन-चुन कर लिया जाएगा. एक्शन के मद्देनजर भारत की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं. वहीं, अब भारतीय एयर फोर्स गंगा एक्सप्रेसवे पर राफेल, सुखोई, जगुआर लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान और लैंडिंग का अभ्यास कर कड़ा संदेश दे रही है. उधर, नौसेना भी अरब सागर में युद्धपोतों के साथ अभ्यास कर रही है. जबकि, थल सेना आतंकियों का चुन-चुन कर खात्मा करने में जुटी है.
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