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Ladli Behna Yojana: लाडली बहन योजना पर क्यो हो रहा है विवाद, जानें बैंक क्यों करने जा रहे हड़ताल?
महाराष्ट्र में लाडली बहना योजना को लेकर बैंक यूनियनों का विरोध और आक्रोश अब एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। यह योजना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को सीधे बैंक खातों में धनराशि जमा की जाती है, लेकिन बैंक यूनियन इसके कार्यान्वयन से असंतुष्ट हैं।
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बैंक कर्मचारियों ने 16 नवंबर को महाराष्ट्र में हड़ताल का ऐलान किया है, और इसका कारण मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना का विवादित कार्य में लाना है। इस योजना के तहत बैंक कर्मचारियों पर लाभार्थियों द्वारा दुर्व्यवहार और हिंसक घटनाओं की शिकायतें सामने आई हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने सुरक्षा की कमी और बैंकिंग सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव का हवाला देते हुए एक दिन की हड़ताल का निर्णय लिया है। योजना के लाभार्थियों द्वारा बैंक सेवा शुल्क कटौती पर गलतफहमी भी बढ़ी है, जिससे कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच तनाव उत्पन्न हो रहा है।
लाडली बहन योजना: विवाद की जड़
लाडली बहन योजना के तहत महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसे उनके बैंक खातों में सीधे जमा किया जाता है। लेकिन योजना के कार्यान्वयन में राज्य के कई हिस्सों में बैंक कर्मचारियों पर हमले और दुर्व्यवहार की घटनाएं हो रही हैं। बीड, जालना, लातूर, धुले और पुणे जिलों में बैंक कर्मचारियों के साथ मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं बढ़ी हैं। बैंक यूनियनों का कहना है कि सरकार ने योजना का क्रियान्वयन करने के लिए पर्याप्त मार्गदर्शन और सुरक्षा नहीं दी है, जिससे कर्मचारियों के बीच डर का माहौल है।
बैंक कर्मचारियों के विरोध के कारण
बैंक यूनियनों ने सरकार से यह स्पष्ट किया है कि योजना के लाभार्थियों द्वारा बैंक खातों से सेवा शुल्क काटे जाने पर गलतफहमी पैदा हो रही है। यह शुल्क पहले से ही सिस्टम में मौजूद नियमों के अनुसार लिया जा रहा था, लेकिन योजना के तहत सहायता राशि जमा होने के बाद यह कटौती हो रही है। इसके परिणामस्वरूप ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच विवाद हो रहे हैं, और कुछ राजनीतिक नेता इस मुद्दे को भड़काने का काम कर रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री अतुल सावे ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने बैंक यूनियनों से आग्रह किया कि वे किसी भी हड़ताल के कदम से पहले सरकार से चर्चा करें। सरकार ने बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा की चिंताओं पर विचार करने की बात कही है, साथ ही योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए बैंकों का सहयोग भी मांगा है।
कौन से संगठन हैं शामिल?
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के तहत नौ बैंक यूनियनें आती हैं, जिनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉईज (NCBE), और बैंक एम्प्लॉईज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) शामिल हैं। ये यूनियनें इस हड़ताल के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही हैं ताकि बैंक कर्मचारियों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में काम करने का अधिकार मिल सके।
लाडली बहन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक सराहनीय कदम है, लेकिन इसका प्रभावी क्रियान्वयन बिना बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और संरचना के मुश्किल हो सकता है। बैंक कर्मचारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि योजना के लाभार्थियों को बिना किसी विवाद के मदद मिल सके और बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चल सकें।
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