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Kumbh: गंगा किनारे बनी Luxury Dom City की खासियत और किराया सुन कर दंग रह जाएंगे !
Prayagraj में लगने जा रहे महाकुंभ में योगी सरकार श्रद्धालुओं को रुकने के लिए डोम सिटी का निर्माण करवा रही है जिसकी भव्यता और किराया सुनकर हैरान रह जाएंगे !
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सनातन धर्म में महाकुंभ का एक विशेष महत्व है। कहते हैं समुद्र मंथन के दौरान निकले अमृत कलश से 12 स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरी थीं।जिनमें आठ स्थान स्वर्ग में माना जाता है। जबकि चार स्थान धरती पर हैं। प्रयागराज। हरिद्वार। नासिक और उज्जैन। जहां ज्योतिष गणनाओं के आधार पर महाकुंभ मेले का आयोजन होता है। इस बार ये आयोजन उत्तर प्रदेश के जिला प्रयागराज में संगम के तट पर हो रहा है।जिसके लिए योगी सरकार जबरदस्त तैयारी कर रही है। और ये तैयारी भी ऐसी है कि संगम के तट पर सांस्कृतिक परंपराओं के साथ ही आधुनिकता का संगम भी नजर आ रहा है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है गंगा तट पर बन रही हाईटेक डोम सिटी।
दरअसल इस बार महाकुंभ में भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज आ रहे हैं। जिनकी सुरक्षा से लेकर ठहरने। खाने और गंगा स्नान तक की पूरी व्यवस्था की जा रही है। तो वहीं गंगा किनारे पहली बार महाकुंभ में डोम सिटी भी बनाई जा रही है। जिसमें एसी। से लेकर गीजर तक। हर सुविधा दी जा रही है। तो वहीं सुरक्षा के लिहाज से भी ये डोम सिटी बेहद अहम है। क्योंकि डोम सिटी के तहत बनाए जा रहे 176 कॉटेज में से 44 कॉटेज बुलेटप्रुफ होंगे।
डोम कॉटेज की खासियत ।
प्रयागराज जिले के अरैल में बन रहे 176 डोम कॉटेज। यूपी टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन बनवा रहा ये कॉटेज। 44 बुलेटप्रुफ कॉटेज सुरक्षा के लिहाज से अभेद होंगे ।इन डोम कॉटेज में गीजर और AC की व्यवस्था रहेगी। गंगा किनारे बने कॉटेज में सात्विक भोजन दिया जाएगा।
इस डोम सिटी में आपको हर कॉटेज में एक बड़ा कमरा मिलेगा जिसे आप बेडरूम और ड्राइंग रूम दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन्हें चारों तरफ से रंगीन पर्दे से ढका गया है। ये पर्दे रिमोट के जरिये खुलते हैं और बंद होते हैं। इतना ही नहीं। डोम कॉटेज में टायलेट और बाथरूम भी अटैच्ड है तो वहीं इसके बाहर ओपन स्पेस भी हैं जहां कुर्सी लगाकर बड़े ही आराम से मां गंगा के दर्शन कर सकते हैं। इतनी सारी सुविधाओं से लैस डोम सिटी कॉटेज के अब किराये की बात कर लेते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक "स्नान पर्व के दिन और उससे एक दिन पहले जबकि एक दिन बाद का किराया एक लाख 11 हजार रुपये के आसपास है जबकि बाकी दिनों में डोम में एक रात रुकने के लिए 81 हजार रुपये देने होंगे"
45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ में 6 अमृत स्नान होंगे। 13 जनवरी, 14 जनवरी, 29 जनवरी, 3 फरवरी, 12 फरवरी और 26 फरवरी। इन अमृत स्नान के दिन और एक दिन आगे पीछे अगर आप डोम कॉटेज में रुकना चाहेंगे तो आपको एक लाख 11 हजार रुपये किराया देना होगा जबकि बाकी दिनों में अगर रुकना चाहेंगे तो 81 हजार रुपये देने होंगे।
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