Ram Mandir मामले में Yogi और Pawan Kalyan दोनों ने मिलकर Rahul Gandhi को मुंहतोड़ जवाब दिया !

इसी साल 22 जनवरी को भव्य समारोह के दौरान मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई, ये ऐतिहासिक क्षण देख कर जहां हर सनातनी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह को नाच गाने का कार्यक्रम बता दिया, जिस पर भगवाधारी योगी से लेकर साउथ के योगी कहे जाने वाले पवन कल्याण ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया

जिस अयोध्या में मुगलों ने भगवान राम का मंदिर तोड़कर बाबरी ढांचा खड़ा कर दिया था, उस अयोध्या में सैकड़ों साल के इंतजार के बाद मोदी और योगी राज में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और इसी साल 22 जनवरी को भव्य समारोह के दौरान मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह ऐतिहासिक क्षण देखकर जहां हर सनातनी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह को नाच-गाने का कार्यक्रम बता दिया, जिस पर भगवाधारी योगी से लेकर साउथ के योगी कहे जाने वाले पवन कल्याण ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया।

अब ‘साउथ के योगी’ ने राहुल गांधी को उधेड़ दिया

जिस हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा हिंदू रहते हैं, दुर्भाग्य से उसी हिंदुस्तान में हिंदू धर्म का सबसे ज्यादा अपमान होता है। लेकिन इसके बावजूद हिंदू खामोश रहता है। इसीलिए तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे और मंत्री उदयनिधि स्टालिन हिंदू धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से कर देते हैं। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तो प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ही नाच-गाने का कार्यक्रम बता दिया।

जिस राम मंदिर में गर्भगृह के पास जाकर खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम लला के दर्शन किए, जिस राम मंदिर का निर्माण करने वाले मजदूरों का खुद पीएम मोदी ने फूल बरसा कर स्वागत किया, उस राम मंदिर के खिलाफ राहुल गांधी बयान दे रहे हैं कि प्राण प्रतिष्ठा तो नाच-गाने का कार्यक्रम था। राहुल के इस बयान पर सपाई अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल, और उद्धव ठाकरे जैसे हिंदू नेताओं ने भले ही चुप्पी साध ली हो, लेकिन बीजेपी के भगवाधारी नेता योगी आदित्यनाथ और जन सेना पार्टी के फायरब्रांड नेता पवन कल्याण राम मंदिर के अपमान पर कांग्रेसी राहुल गांधी से भिड़ गए।

राहुल पर योगी का पलटवार

प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्योता ठुकराने वाले राहुल गांधी ने समारोह को नाच-गाने का कार्यक्रम बताया तो सबसे पहले योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया और हरियाणा की एक चुनावी रैली में यहां तक कह दिया कि "अयोध्या में राम लला के फिर से विराजमान होने पर पूरी दुनिया आनंदित है लेकिन इन बदनसीब कांग्रेसियों को इससे भी नफरत है। यही अंतर है राम की संस्कृति में और रोम की संस्कृति में।"

बात यहीं खत्म नहीं हुई। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की नाच-गाने से तुलना करने वाले राहुल गांधी पर सीएम योगी इस कदर भड़के हुए थे कि जिस इटली की सोनिया गांधी रहने वाली हैं, राहुल गांधी को उसी इटली की याद दिलाते हुए कहा कि "अरे, जिंदगी भर तुम्हारा खानदान नाच-गाना ही तो करता रहा है।"

योगी का ये गुस्सा बता रहा है कि राहुल गांधी के नाच-गाने वाले बयान से वो इस कदर भड़के हुए हैं। यहां तक कह दिया कि "अरे, जिंदगी भर तुम्हारा खानदान नाच-गाना ही तो करता रहा है।"

साउथ के योगी का राहुल को करारा जवाब

जिस दक्षिण भारत में सनातन धर्म से जुड़े कई ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर हैं, अफसोस की बात ये है कि उस दक्षिण भारत में सनातन धर्म के लिए दमदार आवाज उठाने वाला कोई नेता अब तक नहीं था। लेकिन अब ये कमी भी लगती है पूरी हो गई है, क्योंकि हिंदुओं को अब सनातन धर्म की आवाज बुलंद करने वाला नेता मिल गया है, जिसका नाम है पवन कल्याण।

तिरुपति मंदिर के लड्डू विवाद के बाद से ही एक अलग रूप में नजर आ रहे एनडीए के साथी और आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण भगवान राम की नगरी अयोध्या भी आए थे, जब इसी साल 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया था। यही वजह है कि राहुल गांधी ने जब प्राण प्रतिष्ठा समारोह को नाच-गाने का कार्यक्रम बताया तो राम भक्त पवन कल्याण ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

PAWAN ON RAM

"राहुल गांधी कहते हैं कि अयोध्या समारोह 'नाच-गान सभा' था। आप सनातनी हिंदुओं को चोट पहुंचाते हैं और फिर सत्ता के लिए उनसे वोट मांगते हैं? आप मोदी जी से नफरत कर सकते हैं, हमसे नफरत कर सकते हैं, लेकिन भगवान राम से नफरत करने की हिम्मत मत करो।"

सनातन धर्म के अपमान के खिलाफ पहली बार किसी नेता ने इतने दमदार अंदाज में आवाज उठाई और यहां तक चेतावनी दे दी कि "नफरत ही करना है तो मुझसे करो, मोदी से करो, लेकिन भगवान राम से नफरत करने की हिम्मत मत करो" और ये दहाड़ है खुद को सच्चा सनातनी बताने वाले पवन कल्याण की। जिन्होंने सो-काल्ड सेकुलरों को भी नहीं बख्शा। उन्हें भी नसीहत देते हुए कह दिया कि "सेकुलरिज्म एक तरफा नहीं हो सकता, ये दोतरफा मार्ग है। सेकुलरिज्म के नाम पर हिंदुओं को चुप कराया जा रहा है। अन्याय के खिलाफ हिंदुओं को बोलने का अधिकार है।"


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