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CM योगी की पहल, UP के स्कूलों में लगेंगी शिकायत पेटिकाएं, मिशन शक्ति से महिला अपराध में कमी

CM Yogi: इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी शामिल हुए. कुल मिलाकर, यह पहल महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है.

Image Source: Social Media

UP Mission Shakti Yojana: राज्य में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की जा रही है. अब स्कूलों में प्रधानाचार्यों की सहमति से शिकायत पेटिकाएं लगाई जाएंगी, ताकि बच्चियां बिना डर के अपनी समस्याएं बता सकें. इन पेटिकाओं में आने वाली शिकायतों को मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से सुना और हल किया जाएगा. इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं. उनका कहना है कि थानों में बने मिशन शक्ति केंद्रों से बहुत अच्छे और सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

मिशन शक्ति केंद्रों से अपराधों में आई कमी


डीजीपी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मिशन शक्ति केंद्रों की समीक्षा बैठक की. उन्होंने बताया कि इन केंद्रों के बनने के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में साफ कमी देखी गई है. बलात्कार के मामलों में लगभग 33.92 प्रतिशत की गिरावट आई है. इसमें सबसे ज्यादा कमी बाराबंकी जिले में दर्ज की गई, जहां यह आंकड़ा करीब 76.92 प्रतिशत रहा.
इसी तरह महिलाओं और बच्चियों के अपहरण के मामलों में भी लगभग 17.03 प्रतिशत की कमी आई है. अमेठी जिले में सबसे ज्यादा, करीब 42.61 प्रतिशत की कमी देखने को मिली. दहेज हत्या के मामलों में भी सुधार हुआ है और इनमें करीब 12.96 प्रतिशत की गिरावट आई है. बलरामपुर जिले में यह कमी सबसे ज्यादा, लगभग 80 प्रतिशत रही.

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घरेलू हिंसा और सामाजिक सहयोग

घरेलू हिंसा के मामलों में भी लगभग 9.54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. श्रावस्ती जिले में इस तरह के मामलों में सबसे ज्यादा, करीब 35.90 प्रतिशत की कमी देखने को मिली. डीजीपी ने कहा कि यह सभी आंकड़े दिखाते हैं कि मिशन शक्ति केंद्र सही दिशा में काम कर रहे हैं और लोगों का भरोसा इन पर बढ़ा है.

अच्छे कार्यों की सराहना


समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने अलग-अलग जिलों में किए गए अच्छे कार्यों की भी तारीफ की. पीलीभीत में एक वृद्ध और असहाय महिला का बैंक खाता खुलवाकर उसे वृद्धावस्था पेंशन दिलाने और गरीब बच्चियों का स्कूल में दाखिला कराने की पहल की सराहना की गई.
झांसी में महिलाओं की सुविधा के लिए अलग-अलग जगहों पर शिकायत पेटिकाएं लगाई गईं, ताकि वे गोपनीय रूप से अपनी शिकायत दर्ज करा सके. वहीं लखनऊ में गांव, मोहल्ला और बीट स्तर पर सक्रिय महिलाओं को मिशन शक्ति वालंटियर बनाए जाने की पहल को भी डीजीपी ने सराहा.
 
आगे की योजना


डीजीपी ने निर्देश दिए कि स्कूलों और अन्य स्थानों पर लगाई जाने वाली शिकायत पेटिकाओं पर मिशन शक्ति केंद्रों के फोन नंबर जरूर लिखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके.इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी शामिल हुए. कुल मिलाकर, यह पहल महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है.

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