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दिल्ली में भाजपा ने तय किया डिप्टी स्पीकर का नाम, सीएम रेखा गुप्ता पेश करेंगी प्रस्ताव

तीन दिवसीय इस सत्र में सोमवार को पार्टी ने विजेंद्र गुप्ता को स्पीकर चुना था इस बाद से ही डिप्टी स्पीकर को लेकर तमाम नामों पर चर्चा और अटकलें लगनी शुरू हो गई थी। इन अटकलों पर बुधवार को विराम लग गया है।

दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की सरकार चल रही है। इस सरकार में कार्यकाल में पहले विधानसभा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। तीन दिवसीय इस सत्र में सोमवार को पार्टी ने विजेंद्र गुप्ता को स्पीकर चुना था इस बाद से ही डिप्टी स्पीकर को लेकर तमाम नामों पर चर्चा और अटकलें लगनी शुरू हो गई थी। इन अटकलों पर बुधवार को विराम लग गया है। पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में मुस्तफाबाद सीट से चुनाव जीतने वाले विधायक मोहन सिंह बिष्ट डिप्टी स्पीकर बनाने का फैसला किया है। मोहन सिंह बिष्ट के नाम को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को विधानसभ सदन में प्रस्ताव पेश करेंगी। 
मोहन सिंह बिष्ट के नाम पर क्यों लगाई मुहर ?
बताते चले कि मोहन सिंह बिष्ट दिल्ली चुनाव में जीत दर्ज करने वाले विधायकों में से सीनियर विधायक है। जिन्होंने मुस्तफाबाद सीट से जीत दर्ज की है। बिष्ट मूल रूप से देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के अजोली गांव के रहने वाले हैं। बिष्ट साल 1976 में उत्तराखंड से दिल्ली आए इसके बाद से उन्होंने अपनी कर्मभूमि दिल्ली को बनाया। बिष्ट बीजेपी के उन विधायकों में से एक है जो केजरीवाल की लहर में भी चुनाव जीते थे। 1998 में पहली बार करवाल नगर से मोहन सिंह बिष्ट ने विधायक बने थे जीती थी। उसके बाद से वो लगातार चुनाव में जीतते ही रहे है। साल 2003, 2008, 2013 और 2020 में लगातार वो करवाल नगर से चुनाव जीते लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी सीट बदली और उन्हें मुस्तफाबाद से उम्मीद्वार बनाया फिर भी वो पार्टी का झंडा बुलंद रखा। 
ग़ौरतलब है कि मोहन सिंह बिष्ट को इस चुनाव में 85,215 वोट मिले जबकि यहां आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी आदिल अहमद खान को 67,637, एआईएमआईएम के ताहिर हुसैन को 33,474 और कांग्रेस के अली मेहंदी को 11,763 वोट मिले थे। वही पूरे चुनावी परिणाम की बात करें तो दिल्ली की 70 विधानसभा सीट में से बीजेपी ने 48, आम आदमी पार्टी ने 22 सीट पर जीत दर्ज की थी जबकि  कांग्रेस शून्य पर सीट पर सिमट गई।

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