भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री की बड़ी बातचीत

पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी शिविरों पर सटीक हवाई हमले किए. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई और अमेरिका ने तुरंत पहल करते हुए विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारत के एस जयशंकर के बीच बातचीत करवाई. इस बातचीत में रूबियो ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को समझते हुए शांति बनाए रखने की अपील की.

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 8 मई 2025 को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बातचीत की। रूबियो ने दोनों देशों से तत्काल तनाव कम करने की अपील की और सीधे संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मिलकर काम करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई।

एस जयशंकर की प्रतिक्रिया

एस जयशंकर ने रूबियो को आश्वस्त किया कि भारत की प्रतिक्रिया संयमित और लक्षित थी, जिसका उद्देश्य केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार की वृद्धि का दृढ़ता से मुकाबला करेगा और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। हालांकि इस बातचीत के बाद X पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने बताया कि उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अमेरिकी प्रतिबद्धता की सराहना की. EAM ने यह भी साफ कर दिया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने के किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला किया जाएगा.

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के हवाई हमलों की निंदा की और इसे पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग करेगा और किसी भी आक्रामकता का उचित जवाब देगा।

आपको बता दें कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के कारण जम्मू, पंजाब और राजस्थान के कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट लागू किया गया। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान द्वारा दागे गए आठ मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इन सुरक्षा उपायों का उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित हमले से बचाव करना था।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की कूटनीतिक पहल एक सकारात्मक संकेत है। दोनों देशों के नेताओं के बीच संवाद और संयमित प्रतिक्रियाएं क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता बनी हुई है।

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