महाकुंभ में 9 साल के बच्चे ने भटके हुए लोगों को मिलाया, हो रही है जमकर तारीफ!

करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत महाकुंभ में शाही स्नान करने आ रहे है क्योंकि महाकुंभ का ये मेला देश दुनिया के लिये बहुत महत्वपूर्ण है देश- विदेशों के साधु-संत श्रद्धालु महाकुंभ के प्रति एक अलग आस्था रखते है कुछ लोग महाकुंभ में व्यापार के माध्यम से आते है, कुछ लोग शाही स्नान के लिए आते है , कुछ लोग नागा साधुओं के दर्शन करने के लिए आते है और कुछ लोग बस इस मेले में घुमने के माध्यम से आते है ऐसे में योगी सरकार ने महाकुंभ में सभी लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और सेना के जवानों को महाकुंभ में तैनात किया है ताकि ये सेना के जवान लोगों की मदद कर सके इसी बीच एक 9 साल के बच्चे ने असम के लोगों को सही जगह बताकर उन लोगों का दिल जीत लीया है पूरी जानकारी के लिए बने रहे धर्म ज्ञान पर ।

प्रयागराज में हिंदुओं के महापर्व महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है पहला शाही स्नान पूरा हो चुका है। देश विदेशों से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में अमृत स्नान करने पहुंच रहे है ऐसे में योगी सरकार श्रद्धालुओं की सेफ्टी को लेकर काफी सजग दिख रही है, चप्पे चप्पे पर यूपी पुलिस के जवान महाकुंभ में लोगों की मदद के लिए तैनात है। लेकिन इसी बीच एक नौ साल का बच्चा महाकुंभ में जमकर सुर्ख़ियाँ बटोर रहा है। क्योंकि इस नौ साल के बच्चे ने अनजान लोगों के लिए वो अच्छा काम कर दिखाया है जो शायद की कोई बड़ा भी आसानी से कर पाता। महाकुंभ में नन्हे श्रद्धालु के साहस की दूसरे राज्यों तक जमकर तारीफ़ हो रही है। महाकुंभ में 9 साल के बच्चे ने ऐसा क्या किया चलिए विस्तार से बताते हैं।

 जिस महाकुंभ में लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। उस महाकुंभ में एक नौ साल का बच्चा भटके लोगों को रास्ता दिखा रहा है। संगम तट पर भटके लोगों को पहुँचा रहा है। इस बच्चे के बारे में काशी प्रांत के प्रचार प्रमुख डॉ. मुरार जी त्रिपाठी ने बताया।"9 वर्षीय बालक हर्षित ने असम के श्रीभूमि जिले से कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन से आए तीर्थयात्रियों की झूंसी स्टेशन पर मदद की, स्टेशन से वे पैदल अलोपी बाग पहुंचे और शहर या मेला स्थानों के बारे में कोई जानकारी नहीं होने पर वे मेला क्षेत्र के सेक्टर 9 में अपने शिविर के लिए रास्ता तलाश रहे थे, जब तीर्थयात्री एक ऑटो रिक्शा चालक से बात कर रहे थे और उसे सेक्टर 9 तक ले जाने के लिए कह रहे थे, तो वह 1,800  रुपये में उन्हें ले जाने के लिए तैयार हो गया। अपनी साइकिल से गुजर रहा नाबालिग लड़का उनकी मदद करने के लिए रुका और उन्हें मेला क्षेत्र तक पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता बताया, विद्या भारती शिविर में पहुंचने पर, तीर्थयात्रियों ने अपने सामने आई कठिनाई के बारे में बात की और छोटे बच्चे की मदद की सराहना की ।

महाकुंभ का पौराणिक कथाओं में भी बखान देखने को मिलता है इसलिए सभी हिंदुओं के लिए ये महाकुंभ बहुत महत्व रखता है सनातन धर्म को मानने वाले लोग करोड़ों की संख्या में महाकुंभ में आ रहे है और प्रयागराज के संगम में स्नान कर रहे है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि महाकुंभ के इस संगम में स्नान करने से सभी दुखों से मुक्ति मिलती है पाप उतर जाते है और इस बार करोड़ों की संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु महाकुंभ में स्नान करने आ रहे है , और अब तक महाकुंभ में 7 करोड़ लोग स्नान कर चुके है आपको बता दे की महाकुंभ का तीसरा शाही स्नान 29 जनवरी को पड़ रहा है महाकुंभ में अमृत स्नान के दौरान कोई नदी में गहराई की तरफ न चलें जाए। कोई व्यक्ति डूब न जाए या किसी व्यक्ति को कोई परेशानी न पहुँचे इसके लिए पुलिस के साथ साथ सेना के जवान भी संगम तट पर तैनात है। 

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