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छत्तीसगढ़ के सुकमा में बड़ी कार्रवाई: पांच नक्सली विस्फोटक के साथ गिरफ्तार, एक पर ₹1 लाख का इनाम

गिरफ्तार नक्सली माड़वी राकेश जगरगुड़ा एलओएस सदस्य है, जिस पर 1 लाख रुपए का इनाम था.अन्य नक्सली मिलिशिया और डीएकेएमएस के सदस्य हैं. इनके कब्जे से 20 पटाखे, 10 जिलेटिन रॉड, 10 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 10 मीटर कोर्डेक्स वायर, इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेट, बैटरी, चार्जर और अन्य सामग्री बरामद की गई.पूछताछ में नक्सलियों ने कबूल किया कि उन्होंने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए विस्फोटक रखे थे.

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया.

पांच नक्सली विस्फोटक के साथ गिरफ्तार

इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है. यह कार्रवाई 2 सितंबर को चिंतलनार थाना क्षेत्र के रावगुड़ा, किस्टावरम और आसपास के जंगलों में की गई. गिरफ्तार नक्सलियों में से एक पर 1 लाख रुपए का इनाम था.

गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान माड़वी राकेश (26), कमलू देवा (46), कुहराम बुधरा (40), मड़कम मुया (19) और कवासी पोज्जे (19) के रूप में हुई है. सभी चिंतलनार थाना क्षेत्र के निवासी हैं.

1 लाख का इनामी भी गिरफ्तार 

गिरफ्तार नक्सली माड़वी राकेश जगरगुड़ा एलओएस सदस्य है, जिस पर 1 लाख रुपए का इनाम था.अन्य नक्सली मिलिशिया और डीएकेएमएस के सदस्य हैं. इनके कब्जे से 20 पटाखे, 10 जिलेटिन रॉड, 10 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 10 मीटर कोर्डेक्स वायर, इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेट, बैटरी, चार्जर और अन्य सामग्री बरामद की गई.पूछताछ में नक्सलियों ने कबूल किया कि उन्होंने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए विस्फोटक रखे थे.

यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर शुरू की गई. चिंतलनार थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विमल वट्टी, सीआरपीएफ की 74, 131 और 223 वाहिनी के जवानों, रेंज फील्ड टीम (आरएफटी) कोंटा और सीआरपीएफ के अधिकारियों निशांत वैष्णव और सुमन सौरभ की अगुवाई में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया.

पुलिस ने जंगल और नाले के पास नक्सलियों को पकड़ा 

रावगुड़ा के जंगल और नाले के पास नक्सलियों को पकड़ा गया. इस ऑपरेशन में 131 वाहिनी सीआरपीएफ की खुफिया शाखा की भूमिका अहम रही.पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ चिंतलनार थाने में अपराध क्रमांक 07/2025 के तहत विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया.

सभी आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. सुकमा पुलिस और सीआरपीएफ की यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है. वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सफलता के लिए टीम की सराहना की और नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने की प्रतिबद्धता दोहराई.

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